i made – Hindi Translation – Keybot Dictionary

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Q39: I made a withdrawal a few hours ago, why I did not receive it yet?
प्रश्न27: मैं अपने खाते से राशि कैसे आहरित कर सकता हूँ?
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1 The former treatise have I made, O Theophilus, of all that Jesus began both to do and teach,
1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।
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I made four tours to various locations in the USA and wherever I visited I conducted my research on American Indians. My research ended with marvelous results. One new discovery was made on my way to San Diego in California by car with Don R. Sumisana, author of 'America - Land of the Rising Sun' (Publisher: Tokuma shoten).
मैं संयुक्त राज्य अमेरिका में विभिन्न स्थानों पर चार पर्यटन और मैं जहाँ भी दौरा किया मैं अमेरिकी भारतीयों पर मेरे शोध का आयोजन किया. मेरे अनुसंधान के शानदार परिणामों के साथ समाप्त हो गया. (: Tokuma निहृ € ाानेबाज प्रकाशक) - डॉन आर Sumisana, उगते सूरज की भूमि अमेरिका 'के लेखक के साथ कार से एक नई खोज सैन डिएगो कैलिफोर्निया में मेरे रास्ते पर बनाया गया था. ड्राइव के दौरान, Sumisana कुछ करने के लिए बताया, कह 'Ishibei! Ishibei! '. यह एक एल के आकार राजमार्ग पर ठोस ब्लॉक के साथ एक मंझला पट्टी था. उनके अनुसार, इस क्षेत्र में अमेरिकी भारतीयों दीवार पत्थर, 'Ishibei' के साथ ढेर फोन. मैं दंग रह गया था क्योंकि 'Ishibei' एक जापानी शब्द है और अमेरिकी भारतीयों द्वारा भी इस्तेमाल किया है! आगे की जांच से पता चला है कि उत्तर अमेरिकी भारतीयों एक पत्थर उपकरण एक 'यिशी' है, जो जापानी में 'पत्थर' का मतलब है कहते हैं. दक्षिण अमेरिकी भारतीयों धूप में सुखाया एक ईंट एक 'Adbei', जो जापानी शब्द के रूप में ही है जिसका अर्थ है 'सूरज मिट्टी की दीवार' दीवार कहते हैं. यह एक ईंट, मिट्टी और वनस्पति फाइबर का एक मिश्रण है, जो कठोर जब तक धूप में सुखाया के होते हैं. इस प्रकार यह एक जापानी में 'Adbei' कहा जाता है.
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As we were discussing this, Kaal Brahm appeared there and he attacked me furiously. I made him unconscious by my word power. Then he regained consciousness after some time. He fell at my feet and started begging, and said, “You are elder to me, have some mercy on me, and tell me why you have come to my lok.”
जब तक आप ऋण मुक्त नहीं हो सकते तब तक आप काल ब्रह्म की जेल से बाहर नहीं जा सकते। इसके लिए आपको मुझसे नाम उपदेश लेकर भक्ति करनी होगी। तब मैं आपको छुड़वा कर ले जाऊंगा। हम यह वार्ता कर ही रहे थे कि वहां पर काल ब्रह्म प्रकट हो गया और उसने बहुत क्रोधित होकर मेरे ऊपर हमला बोला। मैंने अपनी शब्द शक्ति से उसको मुर्छित कर दिया। फिर कुछ समय बाद वह होश में आया। मेरे चरणों में गिरकर क्षमा याचना करने लगा और बोला कि आप मुझ से बड़े हो, मुझ पर कुछ दया करो और यह बताओ कि आप मेरे लोक में क्यों आए हो ? तब मैंने काल पुरुष को बताया कि कुछ जीवात्माएं भक्ति करके अपने निज घर सतलोक में वापिस जाना चाहती हैं। उन्हें सतभक्ति मार्ग नहीं मिल रहा है। इसलिए वे भक्ति करने के बाद भी इसी लोक में रह जाती हैं। मैं उनको सतभक्ति मार्ग बताने के लिए और तेरा भेद देने के लिए आया हूं कि तूं काल है, एक लाख जीवों का आहार करता है और सवा लाख जीवों को उत्पन्न करता है तथा भगवान बन कर बैठा है। मैं इनको बताऊंगा कि तुम जिसकी भक्ति करते हो वह भगवान नहीं, काल है। इतना सुनते ही काल बोला कि यदि सब जीव वापिस चले गए तो मेरे भोजन का क्या होगा ? मैं भूखा मर जाऊंगा। आपसे मेरी प्रार्थना है कि तीन युगों में जीव कम संख्या में ले जाना और सबको मेरा भेद मत देना कि मैं काल हूँ, सबको खाता हँू। जब कलियुग आए तो चाहे जितने जीवों को ले जाना। ये वचन काल ने मुझसे प्राप्त कर लिए। कबीर साहेब ने धर्मदास को आगे बताते हुए कहा कि सतयुग, त्रोतायुग, द्वापरयुग मंे भी मैं आया था और बहुत जीवों को सतलोक लेकर गया लेकिन इसका भेद नहीं बताया। अब मैं कलियुग में आया हूं और काल से मेरी वार्ता हुई है। काल ब्रह्म ने मुझ से कहा कि अब आप चाहे जितना जोर लगा लेना, आपकी बात कोई नहीं सुनेगा। प्रथम तो मैंने जीव को भक्ति के लायक ही नहीं छोड़ा है। उनमें बीड़ी, सिगरेट, शराब, मांस आदि दुव्र्यसन की आदत डाल कर इनकी वृति को बिगाड़ दिया है। नाना-प्रकार की पाखण्ड पूजा में जीवात्माओं को लगा दिया है। दूसरी बात यह होगी कि जब आप अपना ज्ञान देकर वापिस अपने लोक में चले जाओगे तब मैं (काल) अपने दूत भेजकर आपके पंथ से मिलते-जुलते बारह पंथ चलाकर जीवों को भ्रमित कर दूंगा। महिमा सतलोक की बताएंगे, आपका ज्ञान कथेंगे लेकिन नाम-जाप मेरा करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप मेरा ही भोजन बनेंगे। यह बात सुनकर कबीर साहेब ने कहा कि आप अपनी कोशिश करना, मैं सतमार्ग बताकर ही वापिस जाऊंगा और जो मेरा ज्ञान सुन लेगा वह तेरे बहकावे में कभी नहीं आएगा।