mathura – Hindi Translation – Keybot Dictionary

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Mathura Beneficiary Details
राजकीय उद्यान नारायणबाग झांसी
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Mathura Refinery
मथुरा रिफाइनरी
  museum.gov.tm  
Industrial Estate,Mathura Road,
Water and food materials
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Mathura
मथुरा
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Please ponder again: - God Shri Krishna ji was himself a Kshatriya. After the assassination of Kans, Shri Agrasen ji had handed over the reins of Mathura to his grandson Shri Krishna ji. One day, Narad ji told Shri Krishna ji that a demon king 'Muchkand', who possesses supernatural powers, is sleeping in a nearby cave.
इस तत्वज्ञान के प्राप्त होने से पूर्व जो गीता जी के ज्ञान को समझाने वाले महात्मा जी थे, उनसे यह दास (रामपाल दास) प्रश्न किया करता था कि पहले तो भगवान श्री कृष्ण जी तीन बार शान्ति दूत बनकर गए थे तथा कहा था कि युद्ध करना महापाप है। जब श्री अर्जुन जी ने स्वयं युद्ध करने से मना करते हुए कहा कि हे देवकी नन्दन मैं युद्ध नहीं करना चाहता हूँ। सामने खड़े स्वजनों व नातियों तथा सैनिकों का होने वाला विनाश देख कर मैंने अटल फैसला कर लिया है कि मुझे तीन लोक का राज्य भी प्राप्त हो तो भी मैं युद्ध नहीं करूँगा। मैं तो चाहता हूँ कि मुझ निहत्थे को दुर्योधन आदि तीर से मार डालें, ताकि मेरी मृत्यु से युद्ध में होने वाला विनाश बच जाए। हे श्री कृष्ण ! मैं युद्ध न करके भिक्षा का अन्न खाकर भी निर्वाह करना उचित समझता हूँ। हे कृष्ण ! स्वजनों को मारकर तो पाप को ही प्राप्त होंगे। मेरी बुद्धि काम करना बंद कर गई है। आप हमारे गुरु हो, मैं आपका शिष्य हूँ। आप जो हमारे हित में हो वही सलाह दीजिए। परन्तु मैं नहीं मानता हूँ कि आपकी कोई भी सलाह मुझे युद्ध के लिए राजी कर पायेगी अर्थात् मैं युद्ध नहीं करूँगा। (प्रमाण पवित्र गीता जी अध्याय 1 श्लोक 31 से 39, 46 तथा अध्याय 2 श्लोक 5 से 8)
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Late, after eight o clock, the God will be worshipped through various rituals and thereafter several kinds of cultural programs will be organized there. The artists from Vrindavan and Mathura have been invited to perform these cultural extravaganzas.
दिव्यधाम में बड़े ही सुंदर झूले में भगवान कृष्ण को देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। जहां पर सभी ने उन्हें सुंदर डोरी से बंधे झूले में झुलाने का सौभाग्य प्राप्त किया। यह आयोजन प्रतिवर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक सप्ताह पहले होता है। दिव्यधाम के अधिपति श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान को झूला झुलाने की परंपरा पुरानी है। जिसमें भागीदारी कर नर नारी अपने आपको भगवान के साथ ही मानते हैं। ऐसे भाव को पाने वाले भक्तों के कल्याण में कोई शंका नहीं रहती है। उन्होंने बताया कि दिव्यधाम में 28 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। देर शाम आठ बजे के बाद यहां पर भगवान को अनेक प्रकार से उपचारित पूजन आदि होगा और उसके बाद यहां पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इन कार्यक्रमों को करने के लिए वृंदावन-मथुरा से कलाकारों को बुलाया गया है। इसके अलावा दिल्ली आसपास की कुछ टीमों सहित आश्रम के स्वयंसेवकों द्वारा तैयार झांकियां भी लोगों का मन मोह लेंगी। रात्रि 12 बजे लाला का जन्म होने पर उत्सव अपने चरम पर होगा जिसके बाद सभी को प्रसाद वितरण कर भगवान के जन्मोत्सव का संगी होने का सौभाग्य मिलेगा। इस आयोजन में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।